सरल गाइड
EPF निकासी के नियम 2026: आंशिक निकासी, फाइनल सेटलमेंट, क्लेम कैसे करें और टैक्स
कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के तहत EPF का पैसा निकालने की आसान गाइड: आंशिक निकासी, 25% न्यूनतम बैलेंस, फाइनल सेटलमेंट, ऑनलाइन क्लेम और टैक्स के नियम।
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) आपकी सैलरी से बनने वाला रिटायरमेंट बचत खाता है। हर महीने आप और आपका नियोक्ता दोनों इसमें पैसे जमा करते हैं। 29 जून 2026 से पुरानी 1952 की योजना की जगह नई कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 लागू है, और निकासी के नियम पहले से आसान हुए हैं। इस गाइड में है कि पैसा कब निकल सकता है, कितना निकल सकता है और क्लेम कैसे करना है।
मुख्य बातें
- नौकरी में रहते हुए आंशिक निकासी तब मिलती है जब आपकी सदस्यता को 12 महीने पूरे हो जाएँ।
- खाते में जमा हुई कुल रकम का कम से कम 25% खाते में रहता है। बाकी का 100% तक निकाला जा सकता है।
- आंशिक निकासी की सबसे छोटी रकम ₹1,000 है।
- फाइनल सेटलमेंट (पूरा बैलेंस निकालना) 55 साल या उसके बाद रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, हमेशा के लिए विदेश जाने, छँटनी जैसे मामलों में, या लगातार 12 महीने बिना EPF वाली नौकरी के बाद मिलता है।
- क्लेम ऑनलाइन होता है। इसके लिए UAN, आधार से जुड़ा बैंक खाता और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चाहिए।
आंशिक निकासी: तीन श्रेणियाँ
पुराने नियमों में निकासी के कई अलग-अलग कारण थे, और हर एक की अपनी शर्तें थीं। नई योजना ने इन्हें तीन श्रेणियों में बाँट दिया है।
| श्रेणी | किसके लिए | कितनी बार |
|---|---|---|
| ज़रूरी ज़रूरतें | बीमारी, पढ़ाई, शादी | बीमारी: कोई तय सीमा नहीं। पढ़ाई: सदस्यता के दौरान 10 बार तक। शादी: 5 बार तक। |
| आवास | घर खरीदना या बनवाना, होम लोन चुकाना और ऐसी ही आवास की ज़रूरतें | सदस्यता के दौरान 5 बार तक, सभी आवास कारण मिलाकर |
| विशेष परिस्थितियाँ | बाकी कोई भी स्थिति, जैसे प्राकृतिक आपदा या आमदनी रुक जाना। कारण बताना ज़रूरी नहीं। | एक वित्तीय वर्ष में 2 बार तक |
पुरानी 1952 की योजना में की गई निकासी इन सीमाओं में नहीं गिनी जाती। गिनती 29 जून 2026 से नए सिरे से शुरू हुई है।
कितना पैसा निकल सकता है?
योजना में एक पात्र सदस्य बैलेंस तय होता है: आपके खाते का बैलेंस घटा न्यूनतम बैलेंस। न्यूनतम बैलेंस आपके खाते में अब तक जमा हुई कुल रकम का 25% है (आपका हिस्सा, नियोक्ता का हिस्सा और ब्याज, सब मिलाकर)। इस पर ब्याज मिलता रहता है और नई रकम जमा होने पर यह बढ़ता है।
उदाहरण: मान लीजिए सालों में आपके खाते में कुल ₹8,00,000 जमा हुए और अब तक कुछ निकाला नहीं गया। तब न्यूनतम बैलेंस ₹2,00,000 (25%) होगा और आप ₹6,00,000 तक निकाल सकते हैं। निकासी करने से न्यूनतम बैलेंस घटता नहीं। वह सिर्फ़ तब बढ़ता है जब खाते में और रकम जमा होती है।
अगर आप 12 महीने पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ देते हैं, तब भी उस तारीख के पात्र सदस्य बैलेंस तक निकाल सकते हैं।
फाइनल सेटलमेंट: पूरा बैलेंस निकालना
- 55 साल या उसके बाद रिटायरमेंट।
- काम करने से रोकने वाली स्थायी और पूरी विकलांगता।
- बसने या नौकरी के लिए हमेशा के लिए भारत छोड़कर जाना।
- छँटनी, या नियोक्ता की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) में नौकरी छोड़ना।
- कुछ मामलों में प्रतिष्ठान का बंद होना या स्थानांतरण। इन मामलों में भुगतान दो महीने के इंतज़ार के बाद होता है।
- लगातार 12 महीने बिना EPF वाली नौकरी। नौकरी छोड़ने के बाद अगर आप 12 महीने तक EPF वाले किसी नियोक्ता के यहाँ नहीं जुड़ते, तो पूरा बैलेंस निकाल सकते हैं। पहले यह इंतज़ार दो महीने का था। शादी के लिए इस्तीफ़ा देने वाली महिला को इंतज़ार नहीं करना पड़ता।
खाता बंद करने से पहले सोचें कि क्या ज़रूरी है। अगर आप सिर्फ़ नौकरी बदल रहे हैं, तो पैसा निकालने की जगह उसे नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफ़र कर लें। इससे आपकी सेवा लगातार गिनी जाती है, जो टैक्स में भी काम आती है (नीचे देखें)।
पेंशन (EPS) का क्या?
नियोक्ता के योगदान का एक हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है, जो आपके PF बैलेंस से अलग है। इसके नियम अलग हैं: पेंशन आम तौर पर 58 साल की उम्र से शुरू होती है, और एकमुश्त पेंशन निकासी तभी मिलती है जब ज़रूरी सेवा-वर्ष पूरे न हुए हों। EPFO बोर्ड ने अक्टूबर 2025 में नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन वाला हिस्सा निकालने का इंतज़ार 36 महीने करने का फ़ैसला किया था। ये बातें अभी लागू हो रही हैं, इसलिए मौजूदा स्थिति के लिए सदस्य पोर्टल पर पेंशन क्लेम का विकल्प देखें।
क्लेम से पहले की जाँच-सूची
- आपका UAN चालू है और आप EPFO सदस्य पोर्टल में लॉगिन कर पाते हैं।
- आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा है, क्योंकि OTP वहीं आता है।
- पोर्टल पर आपके आधार, पैन और बैंक खाते की जानकारी जुड़ी और सत्यापित (KYC) है। बैंक खाता आपके अपने नाम पर होना चाहिए।
- नौकरी छोड़ने के बाद क्लेम कर रहे हैं तो आपके पिछले नियोक्ता ने नौकरी छोड़ने की तारीख अपडेट कर दी है।
- आपका ई-नॉमिनेशन भरा हुआ है। नई योजना में यह अनिवार्य है।
ऑनलाइन क्लेम कैसे करें
- EPFO का सदस्य पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) या UMANG ऐप खोलें और UAN, पासवर्ड और कैप्चा से लॉगिन करें।
- Online Services में Claim चुनें।
- अपना नाम, जन्मतिथि और बैंक खाता जाँचें, और बैंक खाता संख्या के आख़िरी चार अंक डालकर सत्यापित करें।
- पोर्टल जो क्लेम का प्रकार दिखाए वह चुनें: आंशिक निकासी (एडवांस) या फाइनल PF सेटलमेंट। अगर आप पेंशन निकासी के पात्र हैं तो वह अलग विकल्प के रूप में दिखेगा।
- उद्देश्य चुनें और रकम भरें।
- संपर्क का पता भरें, पुष्टि करें और आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से जमा करें।
- क्लेम नंबर सँभालकर रखें और पोर्टल पर स्थिति देखते रहें।
योजना (पैरा 54) में समय-सीमाएँ तय हैं: जहाँ क्लेम नियोक्ता के ज़रिए जाना है, वहाँ नियोक्ता को उसे 5 दिन में आगे भेजना होता है, और पूरा क्लेम EPFO आयुक्त को मिलने के 20 दिन के भीतर निपटाया जाना है। फिर भी KYC या नाम न मिलने पर देरी होती है, इसलिए पहले इन्हें जाँच लें।
क्या निकासी पर टैक्स लगता है?
- पाँच साल या ज़्यादा लगातार सेवा: फाइनल निकासी पर टैक्स नहीं लगता। अगर आपने खाता ट्रांसफ़र किया है तो पिछली नौकरियों की सेवा भी गिनी जाती है।
- पाँच साल से कम: रकम पर टैक्स लग सकता है। ₹50,000 या उससे ज़्यादा की निकासी पर 10% TDS कटता है, और पैन न देने पर ऊँची दर लगती है। अगर आपकी कुल आय टैक्स की सीमा से कम है, तो TDS से बचने के लिए फ़ॉर्म 15G (वरिष्ठ नागरिक हों तो 15H) जमा कर सकते हैं।
- अपवाद: अगर नौकरी बीमारी, कारोबार बंद होने या आपके बस से बाहर किसी और वजह से छूटी, या आपने बैलेंस किसी दूसरे फ़ंड में ट्रांसफ़र किया, तो टैक्स नहीं लगता।
- नौकरी में रहते हुए की गई आंशिक निकासी को आम तौर पर फाइनल सेटलमेंट से अलग माना जाता है। अब पुराने 1961 के कानून की जगह आयकर अधिनियम, 2025 है, और बारीकियाँ अभी पूरी तरह साफ़ नहीं हुई हैं, इसलिए बड़ी निकासी से पहले टैक्स सलाहकार से पूछ लें।
आम समस्याएँ
- मिलान न होने से क्लेम रद्द। EPF खाते में आपका नाम या जन्मतिथि आधार से अलग है। नियोक्ता से सुधार करवाएँ, या पोर्टल पर संयुक्त घोषणा का विकल्प इस्तेमाल करें।
- बैंक खाता मंज़ूर नहीं। खाता आपके अपने नाम पर, UAN से जुड़ा और आधार व पैन से सीडेड होना चाहिए।
- नौकरी छोड़ने की तारीख़ नहीं भरी। यह आपके पिछले नियोक्ता को भरनी होती है। HR टीम से कहें। अगर कंपनी बंद हो चुकी है तो EPFO कार्यालय से संपर्क करें।
- क्लेम अटका है। क्लेम नंबर के साथ EPFiGMS पोर्टल (epfigms.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें या EPFO हेल्पलाइन 14470 पर कॉल करें।
- कोई PF "छुड़वाने" के नाम पर पैसे माँगे। न दें। क्लेम मुफ़्त है और आप खुद आधिकारिक पोर्टल पर करते हैं।
स्रोत
- कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 का पूरा पाठ (यहाँ इस्तेमाल हुए निकासी और क्लेम नियम पैरा 46, 49 और 54 में हैं)
- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO)
- TaxSocial: EPF आंशिक निकासी के नियम 2026
- TaxGuru: EPF योजना 2026 के दस बड़े बदलाव
- The Tribune: EPFO ने निकासी के 13 नियम 3 श्रेणियों में मिलाए
आख़िरी जाँच: 28 अक्टूबर 2026। EPF के नियम हाल ही में बदले हैं और EPFO अभी निर्देश जारी कर रहा है, इसलिए क्लेम करने से पहले EPFO सदस्य पोर्टल पर मौजूदा नियम और फ़ॉर्म की पुष्टि कर लें। यह गाइड सामान्य जानकारी है, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं।