सरल गाइड
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): कैसे काम करता है, टैक्स लाभ, निकासी के नियम और खाता कैसे खोलें
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की आसान गाइड: टियर I और टियर II, कितना निवेश करें, पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था में लाभ, मौजूदा निकासी नियम और खाता कैसे खोलें।
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) सरकार द्वारा नियंत्रित रिटायरमेंट बचत योजना है। आप नौकरी के दौरान नियमित निवेश करते हैं, पैसा अलग-अलग फ़ंड में लगता है, और रिटायरमेंट पर आपको एकमुश्त रकम और हर महीने पेंशन मिलती है। इसे पेंशन फ़ंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) चलाता है, और 18 से 70 साल का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें जुड़ सकता है।
मुख्य बातें
- रिटर्न बाज़ार से जुड़े होते हैं, तय नहीं। इनकी कोई गारंटी नहीं है।
- आपको एक PRAN (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) मिलता है, जो नौकरी बदलने पर भी आपके साथ रहता है।
- टियर I रिटायरमेंट खाता है जिसमें पैसा बंद रहता है। टियर II वैकल्पिक खाता है जिससे कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।
- टियर I को चालू रखने के लिए हर योगदान कम से कम ₹500 और वित्तीय वर्ष में कुल ₹1,000 चाहिए। ऊपरी सीमा नहीं है।
- टैक्स लाभ आपकी टैक्स व्यवस्था पर निर्भर करते हैं। नियोक्ता का योगदान सीमा के भीतर दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स-मुक्त है।
टियर I और टियर II
| बात | टियर I | टियर II |
|---|---|---|
| मकसद | रिटायरमेंट बचत | लचीली बचत |
| निकासी | एग्ज़िट तक बंद, सीमित आंशिक निकासी | कभी भी |
| खोलना | अनिवार्य | वैकल्पिक, चालू टियर I ज़रूरी |
| टैक्स लाभ | हाँ, नीचे देखें | ज़्यादातर लोगों के लिए कोई ख़ास लाभ नहीं |
पैसा कहाँ निवेश होता है?
आप एक पेंशन फ़ंड मैनेजर चुनते हैं और तय करते हैं कि पैसा किन श्रेणियों में बँटे:
- E: इक्विटी (शेयर)
- C: कॉर्पोरेट बॉन्ड
- G: सरकारी प्रतिभूतियाँ
- A: वैकल्पिक संपत्तियाँ, छोटी सीमा के साथ
आप एक्टिव चॉइस में खुद बँटवारा तय कर सकते हैं, या ऑटो चॉइस चुन सकते हैं, जिसमें उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी का हिस्सा अपने आप घटता है। अगर पक्का न हों, तो ऑटो चॉइस आसान विकल्प है। कम उम्र के निवेशक आम तौर पर इक्विटी में ज़्यादा रखते हैं और रिटायरमेंट के पास सुरक्षित विकल्पों की ओर जाते हैं, लेकिन सही मिश्रण आपकी अपनी स्थिति पर निर्भर करता है।
हर महीने ₹5,000 से क्या बन सकता है?
यह सिर्फ़ उदाहरण है, वादा नहीं। इसमें मान लिया गया है कि 25 साल तक हर महीने ₹5,000 (कुल ₹15 लाख) लगातार एक तय सालाना रिटर्न पर निवेश होते हैं।
| मान लिया गया सालाना रिटर्न | 25 साल बाद अनुमानित कॉर्पस |
|---|---|
| 8% | लगभग ₹47.9 लाख |
| 10% | लगभग ₹66.9 लाख |
| 12% | लगभग ₹94.9 लाख |
NPS के टैक्स लाभ
| लाभ | पुरानी टैक्स व्यवस्था | नई टैक्स व्यवस्था |
|---|---|---|
| आपका अपना योगदान (धारा 80CCD(1)), 80C के साथ मिलाकर ₹1.5 लाख की सीमा में | हाँ | नहीं |
| अपने योगदान पर अतिरिक्त ₹50,000 (धारा 80CCD(1B)) | हाँ | नहीं |
| नियोक्ता का योगदान (धारा 80CCD(2)) | निजी कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन + DA का 10% तक; सरकारी कर्मचारियों के लिए 14% | बेसिक वेतन + DA का 14% तक |
आयकर अधिनियम, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ और इसमें धाराओं की संख्या बदली गई है, इसलिए नए फ़ॉर्म और पोर्टल पर आपको अलग धारा संख्या दिख सकती है। ऊपर के लाभ उनके जाने-पहचाने नाम से बताए गए हैं। रिटर्न भरते समय आयकर पोर्टल पर या किसी टैक्स विशेषज्ञ से मौजूदा धारा की पुष्टि कर लें।
पैसा निकालने के नियम
PFRDA ने 2025 के आख़िर में निकासी के नियम बदले। टियर I के मुख्य बिंदु नीचे हैं।
सामान्य एग्ज़िट (रिटायरमेंट पर)
- अगर आप 60 से पहले जुड़े थे, तो सामान्य एग्ज़िट 60 साल की उम्र पर या NPS में 15 साल पूरे होने पर, जो पहले हो। आप एकमुश्त रकम, एन्युटी या दोनों को 85 साल तक टाल सकते हैं, पर तब नया योगदान नहीं कर सकते।
- गैर-सरकारी सदस्य: ₹8 लाख तक का कॉर्पस पूरा एकमुश्त निकाल सकते हैं। इससे बड़े कॉर्पस में 80% तक एकमुश्त निकाल सकते हैं और कम से कम 20% एन्युटी (बीमा कंपनी से नियमित पेंशन) में लगाना होगा। ₹8 लाख से ₹12 लाख के कॉर्पस के लिए बीच का एक विकल्प भी है।
- सरकारी सदस्य: ₹12 लाख से ऊपर के कॉर्पस में 60% तक एकमुश्त और कम से कम 40% एन्युटी।
समय से पहले निकलना (प्रीमैच्योर एग्ज़िट)
- कॉर्पस ₹5 लाख तक हो तो पूरा निकाल सकते हैं।
- ₹5 लाख से ज़्यादा हो तो 20% तक एकमुश्त मिलेगा और कम से कम 80% एन्युटी में जाएगा।
खाता चलाते हुए आंशिक निकासी
- NPS में 3 साल पूरे होने के बाद मिलती है।
- आपके अपने योगदान का 25% तक (कमाई नहीं), 60 साल से पहले अधिकतम 4 बार, और दो निकासी के बीच कम से कम 4 साल का अंतर।
- सिर्फ़ तय कारणों के लिए: बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी, घर खरीदना या बनवाना, इलाज, दिव्यांगता का खर्च, या NPS खाते पर गिरवी रखे कर्ज़ का निपटारा।
सदस्य की मृत्यु होने पर
गैर-सरकारी सदस्यों में पूरा कॉर्पस नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को मिलता है। इसीलिए खाते में नॉमिनी जोड़ना ज़रूरी है।
निकासी पर टैक्स
- एग्ज़िट पर निकाले गए कॉर्पस का 60% तक टैक्स-मुक्त है।
- एन्युटी खरीदने में लगी रकम पर उस समय टैक्स नहीं लगता। हर महीने मिलने वाली पेंशन आपके स्लैब के हिसाब से टैक्स योग्य है।
- गैर-सरकारी सदस्य अब 80% तक एकमुश्त निकाल सकते हैं, लेकिन टैक्स-मुक्त सीमा 60% बताई गई है। निकलने से पहले अतिरिक्त हिस्से के टैक्स की मौजूदा स्थिति किसी टैक्स विशेषज्ञ से जाँच लें।
NPS खाता कैसे खोलें
आपको पैन, आधार (या दूसरा KYC), बैंक खाता, फ़ोटो और हस्ताक्षर चाहिए। e-KYC के लिए अपना मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा रखें।
- आधिकारिक eNPS वेबसाइट खोलें या किसी बैंक/अधिकृत पॉइंट ऑफ़ प्रेज़ेंस पर जाएँ। “Register” चुनें और ऑल सिटिज़न मॉडल चुनें।
- आधार OTP या DigiLocker से KYC पूरा करें।
- पेंशन फ़ंड मैनेजर और निवेश विकल्प (ऑटो या एक्टिव) चुनें।
- नॉमिनी जोड़ें, हस्ताक्षर अपलोड करें और पहला भुगतान करें।
- आपका PRAN बन जाएगा। उसे सँभालकर रखें और ऑनलाइन एक्सेस चालू करें।
अगर आपका नियोक्ता NPS देता है, तो HR टीम से पूछें। सरकारी और कई निजी नियोक्ता योगदान काटकर जमा कर देते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारी NPS और यूनिफ़ाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से चुन सकते हैं, जिसके अपने नियम हैं। माता-पिता बच्चे के लिए NPS वात्सल्य खाता भी खोल सकते हैं।
किन्हें दो बार सोचना चाहिए?
- अगर अगले कुछ सालों में पैसे की ज़रूरत पड़ सकती है, तो पैसा बंद रहना समस्या बनेगा।
- अगर आप नई टैक्स व्यवस्था में हैं और नियोक्ता योगदान नहीं देता, तो आपके अपने योगदान पर टैक्स कटौती नहीं मिलेगी।
- अगर बाज़ार के उतार-चढ़ाव सहना मुश्किल है, तो NPS का रिटर्न हर साल अलग होगा।
स्रोत
- पेंशन फ़ंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA)
- Finnovate: NPS निकासी नियम
- Zerodha Varsity: NPS टैक्स नियम और लाभ
- Protean: पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था में NPS
आख़िरी जाँच: 27 अक्टूबर 2026। NPS और टैक्स नियम अक्सर बदलते हैं, इसलिए कदम उठाने से पहले PFRDA, NPS ट्रस्ट या किसी टैक्स विशेषज्ञ से ताज़ा जानकारी की पुष्टि कर लें। यह गाइड सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं, और NPS के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।