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सरल गाइड

PPF की जमा सीमा और टैक्स लाभ: क्या जानना ज़रूरी है

PPF में साल में कितना जमा कर सकते हैं, सीमा से ज़्यादा जमा करने पर क्या होता है, और PPF पर टैक्स कैसे लगता है: कटौती, टैक्स-फ्री ब्याज और टैक्स-फ्री मैच्योरिटी।

PPF के बारे में दो सवाल बार-बार पूछे जाते हैं: साल में कितना जमा कर सकते हैं, और इस पर टैक्स कैसे लगता है? यह गाइड दोनों का जवाब आसान शब्दों में देती है।

मुख्य बातें

  • खाता चालू रखने के लिए हर वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹500 जमा करना ज़रूरी है।
  • एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1,50,000 जमा किए जा सकते हैं।
  • जमा राशि ₹50 के गुणकों में होनी चाहिए।
  • मौजूदा नियमों में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर टैक्स नहीं लगता।
  • जमा राशि पर कटौती (डिडक्शन) सिर्फ तब मिलती है जब आप पुरानी कर व्यवस्था चुनते हैं।

कितना जमा कर सकते हैं?

वित्तीय वर्ष में न्यूनतम₹500
वित्तीय वर्ष में अधिकतम₹1,50,000
जमा की राशि₹50 के गुणकों में
जमा करने का तरीकाएक साथ या किस्तों में

वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है। सीमा पूरे साल पर लागू होती है, हर महीने पर नहीं। आप पूरी रकम एक बार में दे सकते हैं या कई बार में, बस कुल जमा ₹1,50,000 के भीतर रहे।

नाबालिग के खाते का नियम

माता-पिता या अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर PPF खाता खोल सकते हैं। ₹1,50,000 की सीमा साझा है: आपके अपने खाते और नाबालिग के खाते की जमा मिलाकर एक साल में ₹1,50,000 से ज़्यादा नहीं हो सकती। दूसरा खाता खोलने से सीमा दोगुनी नहीं होती।

सीमा से ज़्यादा जमा कर दें तो?

सालाना सीमा से ऊपर की रकम पर न ब्याज मिलता है और न टैक्स लाभ। वह अतिरिक्त रकम आपको लौटा दी जाती है। बेहतर है कि अपनी कुल जमा का हिसाब रखें, ताकि बेवजह पैसा न फँसे।

कोई साल छूट जाए तो?

अगर आप किसी साल कम से कम ₹500 जमा नहीं करते, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है। इसे फिर चालू करने के लिए छूटे हर साल की न्यूनतम राशि और हर साल का डिफ़ॉल्ट शुल्क भरना पड़ता है। निष्क्रिय रहने के दौरान भी आपके बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है, पर जब तक खाता चालू नहीं होता, लोन या निकासी नहीं मिल सकती। मौजूदा शुल्क अपने बैंक या डाकघर से पूछ लें।

PPF पर टैक्स कैसे लगता है

PPF को EEE योजना कहा जाता है, यानी तीनों चरणों पर पैसा टैक्स से मुक्त है:

  1. निवेश करते समय: आपकी जमा राशि पर साल में ₹1,50,000 तक की कटौती मिल सकती है, लेकिन सिर्फ पुरानी कर व्यवस्था में।
  2. बढ़ते समय: हर साल खाते में जुड़ने वाले ब्याज पर टैक्स नहीं लगता।
  3. निकालते समय: मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर टैक्स नहीं लगता।

पुरानी या नई कर व्यवस्था?

PPF जमा पर कटौती आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत मिलती थी। 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू है और इस कटौती के संबंधित नियम धारा 123 में हैं। धारा का नंबर जो भी हो, स्थिति वही है: कटौती तभी मिलेगी जब आप पुरानी कर व्यवस्था चुनें। नई व्यवस्था चुनने पर जमा राशि पर कोई कटौती नहीं मिलती, पर ब्याज और मैच्योरिटी की रकम फिर भी टैक्स-फ्री रहती है।

₹1,50,000 की कटौती सीमा आपके दूसरे पात्र निवेशों और भुगतानों, जैसे EPF, जीवन बीमा प्रीमियम और टैक्स-सेविंग FD के साथ साझा होती है। अगर वे पहले ही सीमा पूरी कर देते हैं, तो PPF में और जमा करने से टैक्स और कम नहीं होगा, हालाँकि वह रकम टैक्स-फ्री बढ़ती रहेगी।

कौन-सी व्यवस्था आपका ज़्यादा टैक्स बचाएगी, यह आपकी आय और दूसरी कटौतियों पर निर्भर करता है। फैसला लेने से पहले किसी टैक्स प्रोफेशनल से जाँच करवाना अच्छा रहेगा।

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स्रोत

आख़िरी जाँच: 27 अक्टूबर 2026। हर बजट के साथ टैक्स नियम और धाराओं के नंबर बदल सकते हैं, इसलिए रिटर्न भरने से पहले आयकर विभाग की वेबसाइट या किसी टैक्स प्रोफेशनल से नवीनतम स्थिति की पुष्टि करें। यह गाइड सामान्य जानकारी है, टैक्स या वित्तीय सलाह नहीं।

कदम उठाने से पहले: नियम और समयसीमा बदल सकते हैं। संबंधित सरकारी विभाग या सेवा प्रदाता से वर्तमान जानकारी की पुष्टि करें।

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