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सरल गाइड

PPF क्या है? (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) आसान भाषा में पूरी गाइड

पब्लिक प्रोविडेंट फंड की आसान गाइड: यह कैसे काम करता है, सालाना जमा सीमा, 15 साल की लॉक-इन अवधि और मौजूदा ब्याज दर।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सरकार की एक बचत योजना है। आप 15 साल तक पैसे जमा करते हैं और उस पर सरकार की तय की हुई दर से ब्याज पाते हैं। इसे भारत सरकार का समर्थन मिला हुआ है और इसका ब्याज टैक्स-फ्री है, इसी वजह से यह लोकप्रिय है। इसकी कीमत यह है कि आपका पैसा लंबे समय तक बँधा रहता है।

मुख्य बातें

  • PPF खाता डाकघर या अधिकृत बैंक में खोला जा सकता है।
  • एक वित्तीय वर्ष (अप्रैल से मार्च) में ₹500 से ₹1,50,000 तक जमा कर सकते हैं।
  • खाता 15 साल चलता है। यह गिनती खाता खोलने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से शुरू होती है।
  • ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए यह 7.1% सालाना है।
  • ब्याज और परिपक्वता (मैच्योरिटी) पर मिलने वाली रकम पर आयकर नहीं लगता।

PPF क्या है?

PPF वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम, 2019 के तहत चलता है। आसान शब्दों में: आप खाता खोलते हैं, साल भर में पैसे जमा करते हैं और सरकार आपके बैलेंस पर ब्याज देती है। 15 साल पूरे होने से पहले आप पूरा पैसा नहीं निकाल सकते। हाँ, योजना में कुछ निश्चित मौकों पर लोन और आंशिक निकासी की सुविधा है, जिसे हमारी गाइड PPF से निकासी, लोन और अवधि बढ़ाने के नियम में समझाया गया है।

PPF एक नज़र में

विशेषतानियम क्या कहते हैं
कौन चलाता हैभारत सरकार। खाते डाकघर और अधिकृत बैंकों में होते हैं।
कौन खाता खोल सकता हैकोई भी व्यक्ति। माता-पिता या अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर भी एक खाता खोल सकते हैं। संयुक्त खाता नहीं खुल सकता।
कितने खातेअपने नाम पर एक ही खाता, डाकघर या बैंक में।
सालाना जमाएक वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1,50,000, ₹50 के गुणकों में। इसमें आपके द्वारा संचालित नाबालिग के खाते की जमा राशि भी गिनी जाती है।
लॉक-इन15 साल, खाता खोलने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से गिनकर।
ब्याजसरकार हर तिमाही तय करती है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए 7.1% सालाना। हर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जुड़ता है।
टैक्सपुरानी कर व्यवस्था में जमा राशि पर कटौती मिल सकती है। ब्याज और मैच्योरिटी की रकम टैक्स-फ्री है। देखें हमारी PPF टैक्स गाइड।
15 साल के बादखाता बंद करें, बिना नई जमा के चलने दें, या 5-5 साल के ब्लॉक में जमा के साथ आगे बढ़ाएँ।

PPF कैसे काम करता है, कदम-दर-कदम

  1. खाता खोलें। आवेदन फॉर्म और KYC दस्तावेज़ लेकर डाकघर या अधिकृत बैंक जाएँ। शुरू करने के लिए कम से कम ₹500 चाहिए। ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची हमारी गाइड PPF खाता कैसे खोलें में है।
  2. साल भर में जमा करें। आप एक साथ या किस्तों में जमा कर सकते हैं, बस सालाना सीमा के भीतर। हर वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹500 जमा करना ज़रूरी है। कोई साल छूटने पर खाता निष्क्रिय माना जाता है। ₹50 शुल्क और छूटे हर साल के ₹500 भरकर इसे फिर चालू किया जा सकता है।
  3. ब्याज पाएँ। ब्याज हर महीने की 5 तारीख से महीने के आखिरी दिन के बीच के सबसे कम बैलेंस पर गिना जाता है और साल में एक बार खाते में जुड़ता है। इसलिए कई लोग महीने की 5 तारीख से पहले जमा करते हैं। विस्तार से पढ़ें: PPF का ब्याज कैसे काम करता है।
  4. मैच्योरिटी पर फैसला लें। 15 साल बाद खाता बंद करें, बिना जमा के चलने दें, या जमा के साथ आगे बढ़ाएँ।

इन बातों पर ध्यान दें

  • आपका पैसा बँधा रहता है। अगर आपने पहले वित्तीय वर्ष में खाता खोला है, तो लोन तीसरे साल से और आंशिक निकासी सातवें साल से मिल सकती है। समय से पहले खाता सिर्फ 5 साल बाद और कुछ खास कारणों पर ही बंद हो सकता है।
  • दर 15 साल के लिए तय नहीं होती। सरकार हर तिमाही इसकी समीक्षा करती है और नई दर आपके पूरे बैलेंस पर लागू होती है। यह कई तिमाहियों से 7.1% पर टिकी है, पर इसकी कोई गारंटी नहीं।
  • सालाना सीमा तय है। आप चाहे कितना भी बचाना चाहें, एक वित्तीय वर्ष में ₹1,50,000 से ज़्यादा जमा नहीं कर सकते।
  • टैक्स कटौती आपकी कर व्यवस्था पर निर्भर है। जमा राशि पर कटौती सिर्फ पुरानी कर व्यवस्था में मिलती है। ब्याज दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स-फ्री रहता है।

एक उदाहरण

मान लीजिए आप हर साल 5 अप्रैल तक ₹1,50,000 जमा करते हैं, 15 साल तक, और दर 7.1% पर बनी रहती है। अंत में आपके पास लगभग ₹40.68 लाख होंगे। इसमें ₹22.5 लाख आपका अपना पैसा है और लगभग ₹18.18 लाख ब्याज। दर बदल सकती है, इसलिए इसे सिर्फ अनुमान मानें। अपने आँकड़े आज़माने के लिए हमारा मुफ़्त PPF कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

स्रोत

आख़िरी जाँच: 27 अक्टूबर 2026। दरें और नियम बदल सकते हैं, इसलिए कोई कदम उठाने से पहले अपने बैंक या India Post से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें। यह गाइड सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं।

कदम उठाने से पहले: नियम और समयसीमा बदल सकते हैं। संबंधित सरकारी विभाग या सेवा प्रदाता से वर्तमान जानकारी की पुष्टि करें।

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